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Nipple Discharge: किन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सामानà¥à¤¯ और कब खतरनाक हो सकता है निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना, जानें हर जरूरी बात
निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना खासतौर पर उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में जब कोई महिला पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट à¤à¥€ ना हो और बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ ना करा रही हो, सेहत के लिठअचà¥à¤›à¤¾ संकेत तो नहीं है।
जो यà¥à¤µà¤¾ महिलाà¤à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ फीडिंग नहीं करा रही हों अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने लगे तो यह उनकी सेहत के गिरते सà¥à¤¤à¤° का संकेत है। इसे अनदेखा नहीं करना चाहिà¤à¥¤ साथ ही इससे घबराना à¤à¥€ नहीं चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसका इलाज संà¤à¤µ है और आसान à¤à¥€à¥¤ यहां जानें, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ ना करानेवाली या ना करानेवाली महिलाओं में आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने लगता है और यह कब किसी घातक बीमारी का संकेत होता है...
à¤à¤¸à¤¾ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ कà¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² नहीं होता
-निपà¥à¤ªà¤² से बà¥à¤²à¤¡ आना या बà¥à¤²à¤¡ मिकà¥à¤¸ होकर लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ का रिसाव होना किसी à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सामानà¥à¤¯ नहीं होता है।
-अगर किसी महिला या लड़की को केवल à¤à¤• निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही हो तो यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कà¤à¥€ à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ नहीं होती है। इससे पहले कि कोई बीमारी आपके शरीर में अपना घर बनाठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त मिलें।
डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने पर दिमाग में रखें ये बातें
- इससे पहले की हम निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने की वजहों पर बात करें, à¤à¤• बात जरूर जान लीजिठकि आपके निपल से होनेवाला डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ किसी रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ की वजह से है या किसी बीमारी का संकेत है, इसकी जांच अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से ही कराà¤à¤‚।
-डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ के कारण परेशान ना हों। जब आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलेंगी तो वह आपको बता देंगी कि सामानà¥à¤¯ चेकअप से ही आपकी परेशानी दूर हो जाà¤à¤—ी या आपको कोई खास टेसà¥à¤Ÿ कराना होगा।
-डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ के रंग को देखकर यह अंदाजा लगाना कि यह सामानà¥à¤¯ है या नहीं, सही नहीं है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤° और टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपैरंट रंग का डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ à¤à¥€ आपके शरीर में पल रहे किसी रोग का संकेत हो सकता है। इस तरह की लापरवाही करके अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ ना करें।
इतने रंगों का हो सकता है डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ
-निपल से आनेवाले दà¥à¤°à¤µ या लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ का रंग बà¥à¤²à¤¡ की तरह लाल हो सकता है। साथ ही यह बà¥à¤²à¤¡ à¤à¥€ हो सकता है।
-निपल से आनेवाला दà¥à¤°à¤µ हलà¥à¤•े पीले रंग का, हलà¥à¤•े हरे रंग का, दूध की तरह सफेद या पानी की तरह à¤à¤•दम टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपैरंट à¤à¥€ हो सकता है।
सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में होनेवाला डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ
-आमतौर पर सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में होनेवाला निपल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ दोनों निपल से होता है। साथ ही यह आमतौर पर तब आता है, जब निपल पर दबाव पड़ता है।
-दबाव पड़ने या सक करने दौरान निपल से होनेवाला डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ निपल के सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आ जाने पर सà¥à¤µà¤¤: ही बंद हो जाती है।
-जबकि असामानà¥à¤¯ तौर पर होनेवाला निपल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ आमतौर पर बिना किसी दबाव के à¤à¥€ होता रहता है।
-साथ ही अगर निपल को दबाया जाठतो इस दौरान फà¥à¤²à¥‹ अधिक हो सकता है। दरà¥à¤¦ या दà¥à¤–न à¤à¥€ हो सकती है।
-आपके निपल से होनेवाला डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ सामानà¥à¤¯ है या किसी बीमारी की वजह से, यह डॉकà¥à¤Ÿà¤° जांच के बाद ही बता सकती है।
-अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपसे कहे कि आपको इलाज की जरूरत है तब à¤à¥€ परेशान ना हों और इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि सही चिकितà¥à¤¸à¤¾ मिलने पर आपकी समसà¥à¤¯à¤¾ दूर हो जाà¤à¤—ी।
निपल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ की कà¥à¤› खास वजहें
-आमतौर से महिलाओं को निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने की समसà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी यानी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होती है।
-पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के अंतिम महीनों में महिलाओं को निपल से दà¥à¤°à¤µ आने की शिकायत होती है। यह लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ दूध जैसा सफेद à¤à¥€ हो सकता है और पानी जैसा कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤° à¤à¥€à¥¤
-महिलाà¤à¤‚ जब अपने बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ फीडिंग कराना बंद करती हैं तो इसके कà¥à¤› समय बाद तक उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निपल से दूध जैसा डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने की दिकà¥à¤•त हो सकती है।
-कई बार गैर जरूरी उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ के कारण à¤à¥€ निपल से लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ आने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। जैसे जॉगिंग या à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करते वकà¥à¤¤ आपकी बà¥à¤°à¤¾ से आपके निपलà¥à¤¸ का लगातार रगड़ना या छिलना।
हर डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ कैंसर का संकेत नहीं
-à¤à¤¸à¥€ कई वजह होती हैं, जिनके चलते निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है। जरूरी नहीं हर डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ कैंसर जैसी घातक बीमारी से ही जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हो।
-अगर आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को लगेगा कि आपके निपल से होनेवाला डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ सामानà¥à¤¯ नहीं है तो आगे किस तरह का इलाज और जांच आपको चाहिठहोगी, इसके लिठवही आपको सही सà¥à¤à¤¾à¤µ दे सकती हैं।
-à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ के पीछे हमेशा केवल à¤à¤• ही वजह रहती है। निपल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ का कारण à¤à¤• साथ कई वजह à¤à¥€ हो सकती हैं। जो सà¤à¥€ मिलकर निपल से दà¥à¤°à¤µ के बाहर आने की वजह बन सकती हैं।
डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ की सही वजह
-अगर आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को आपके निपल से होनेवाला डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ किसी बीमारी का संकेत लगता है तो वह आपको कà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के लिठकह सकती हैं।
-इन टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ में आपके निपल से आनेवाले डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ की लैब में जांच, आपके बà¥à¤²à¤¡ की जांच, मैमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€, आपके दोनों बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड आदि शामिल हो सकते हैं।
-इनके अलावा आपकी जांच में आपके बà¥à¤°à¥‡à¤¨ की सà¥à¤•ैनिंग या आपके निपल की सà¥à¤®à¥‰à¤² सरà¥à¤œà¤°à¥€ à¤à¥€ शामिल हो सकती है।
असामानà¥à¤¯ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ के संà¤à¤µ कारण
-निपल से होनेवाले असामानà¥à¤¯ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ के लिठकई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। जैसे फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• बेसà¥à¤Ÿ चेंज। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होती है, जिसमें सà¥à¤¤à¤¨ के तंतà¥à¤“ं (टिशà¥à¤¯à¥‚ज) में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होता है।
-फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• बेसà¥à¤Ÿ चेंज के दौरान किसी महिला के सà¥à¤¤à¤¨ में रेशेदार टिशà¥à¤¯à¥‚ बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है, जो आगे चलकर किसी गांठके रूप में विकसित हो सकती है।
-इसके अलावा फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• बेसà¥à¤Ÿ चेंज से आपके सà¥à¤¤à¤¨ में लंपà¥à¤¸ (ऊतकों की मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® गांठें) या बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ के टिशà¥à¤¯à¥‚ज में थिकनेस आ सकती है।
हालांकि ये सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इस बात की तरफ इशारा नहीं करती हैं कि आपको कैंसर का रोग है।
- ये लंपà¥à¤¸ और थिकनेस आपके बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में दरà¥à¤¦ और खà¥à¤œà¤²à¥€ के साथ ही डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ की वजह à¤à¥€ हो सकते हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इलाज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ठीक किया जा सकता है।
गैलेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
गैलेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾: इस नाम से डरने की जरूरत नहीं है। मेडिकल की à¤à¤¾à¤·à¤¾ में उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को गैलेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कहते हैं, जब कोई महिला बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ फीडिंग ना करा रही हो लेकिन उसके निपल से दूध या दूध जैसा दिखनेवाला दà¥à¤°à¤µ निकलता है।
-यह अपने आपमें कोई बीमारी नहीं है। लेकिन किसी छिपी हà¥à¤ˆ बीमारी का संकेत हो सकती है। जैसे, पिटà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€ गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड में टà¥à¤¯à¥‚मर।
-कई बार हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ संबंधी दवाओं और साइकोटà¥à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤• डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ यानी à¤à¤¸à¥€ दवाइयां जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के मन और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती हों। इनके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से à¤à¥€ निपल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ की दिकà¥à¤•त हो सकती है।
-कà¥à¤› हरà¥à¤¬à¥à¤¸ का सेवन जैसे à¤à¤¨à¤¿à¤¸ (मोटी सौंफ) या सौंफ के सेवन से, थायरॉइड की वजह से या फिर नशीली चीजों के सेवन से à¤à¥€ यह दिकà¥à¤•त हो सकती है।
इंफेकà¥à¤¨à¤¶ à¤à¥€ होता है डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ की वजह
-निपल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ में पस या मवाद का आना इस बात का संकेत होता है कि आपके बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में किसी तरह का इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो गया है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को मैसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कहते हैं।
-मैसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ आमतौर पर उन महिलाओं में होनेवाली समसà¥à¤¯à¤¾ है, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बचà¥à¤šà¥‡ को फीडिंग कराई हो। लेकिन यह उन महिलाओं में à¤à¥€ हो सकती है, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कà¤à¥€ फीडिंग ना कराई हो।
- जब किसी महिला को मैसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की दिकà¥à¤•त होती है तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में सूजन, रेडनेस की दिकà¥à¤•त à¤à¥€ होती है। साथ ही बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ छूने में सामानà¥à¤¯ से गरà¥à¤® महसूस होता है।
इंटà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤² पेपिलोमा
-इंटà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤² पेपिलोमा: यह पेपिलोमा इस तरह की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है, जिसमें बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ की धमनियों में गैरजरूरी बढ़ाव हो जाता है। लेकिन अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि यह कैंसर नहीं होता है।
-यह उन महिलाओं में पाई जानेवाला à¤à¤• सामानà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ हो रहा हो। इससे बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है और निपल से à¤à¤¸à¤¾ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने लगता है, जिसमें बà¥à¤²à¤¡ à¤à¥€ मिकà¥à¤¸ होता है और यह काफी चिपचिपा हो सकता है।
निपल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ और बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ कैंसर में कनेकà¥à¤¶à¤¨
-जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° निपल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ केस सामानà¥à¤¯ होते हैं और किसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से होते हैं। हालांकि à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होती हैं, जब यह डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ किसी तरह के बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ कैंसर का संकेत हो सकता है।
-निपल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ के बारे में à¤à¤•à¥à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ का कहना है कि टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के हिसाब से à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मरीज के लिठबेहतर होती है, जिसमें निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ के साथ ही बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में लंप या थिकनेस à¤à¥€ हो। या फिर इस डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ की वजह असामानà¥à¤¯ मैमोगà¥à¤°à¤«à¥€ हो।
-बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ कैंसर à¤à¥€ कई तरह के होते हैं। इनमें से इंटà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤² कारà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‹à¤®à¤¾ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ कैंसर का वह पà¥à¤°à¤•ार है, जिसमें निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होता है। यह कैंसर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ की उन धमनियों में पनपता है, जो निपल के ठीक नीचे होती हैं।
-सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर का à¤à¤• और रूप है, जिसमें निपल से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ हो सकता है, यह है पगेट डिजीज। हालांकि इस पà¥à¤°à¤•ार का कैंसर बहà¥à¤¤ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ होता है।
-पगेट डिजीज कैंसर पनपता तो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ के अंदर है लेकिन बाद में यह मूव करके निपल में आ जाता है। इस बीमारी में निपल के साथ ही निपल के चारों तरफ के घेरे (à¤à¤°à¤¿à¤“ला) से à¤à¥€ खून निकलने या खून का रिसाव होने की दिकà¥à¤•त होने लगती है।
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